Sunday, August 17, 2025

प्रार्थना का मतलब है -

प्रार्थना का मतलब है -
जब जब हम हमारा मुंह
खोलते हैं -प्रार्थाना करनें के लिए 
तब हमें यह विश्वास करना है 
प्रभु हमारे बीच उपस्थित है।

(मति.18:18)

प्रभु का वचन कहता है -हर जरूरत मे करें।( फिलिपीन:4:6)
प्रार्थना कैसे करें - 
अपने रोगो को,,समस्याओं को ,बिमारी को समर्पित करना। विश्वास करना कि येशु तुम्हें चंगा किया है। प्रार्थना बाद भी विश्वास करना, चंगाई मिल गई है।
 प्रार्थना का असर - आपकी प्रार्थना का असर आप तभी देख पायेंगे,जब आप को विश्वास होगा कि आपकी प्रार्थना से परिस्थितियां बदल सकती है। लोग बदल सकते है और आप तथा दुसरो पर प्रभु की कृपा और दया की वर्षा होगी। 
जो इस तरह विश्वास करता है - वह पग -पग पर प्रार्थना का असर देख पायेगा। आमेन ।

यदि तुम्हारा विश्वास दृढ़ नही है,तो तुम निश्चिय ही विचलित हो जाओगे। (इसायह:7:9)

Thursday, August 14, 2025

पिता पुत्र और पवित्र आत्मा क्या है?

पिता पुत्र और पवित्र आत्मा क्या है?

पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा ईसाई धर्म में "त्रिमूर्ति" (Trinity) की अवधारणा का हिस्सा हैं। यह ईसाई धर्म का एक केंद्रीय सिद्धांत है, जो यह बताता है कि ईश्वर एक है, लेकिन वह तीन अलग-अलग "व्यक्तियों" या "रूपों" में प्रकट होता है:

 * पिता (God the Father):

 यह वह व्यक्ति है जिसे सृष्टि का निर्माता, ब्रह्मांड का शासक और परमेश्वर माना जाता है। वह हर चीज का स्रोत है।

 * पुत्र (God the Son): 
यह यीशु मसीह को संदर्भित करता है। ईसाई मानते हैं कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है, जो मानवता को पापों से बचाने के लिए इस दुनिया में आया। वह परमेश्वर के मानवीय रूप हैं।


 * पवित्र आत्मा (God the Holy Spirit):

इसे परमेश्वर की आत्मा या शक्ति के रूप में माना जाता है। पवित्र आत्मा विश्वासियों को मार्गदर्शन, सांत्वना और शक्ति प्रदान करती है। यह वह शक्ति है जो दुनिया में परमेश्वर का काम करती है।

इस सिद्धांत के अनुसार, ये तीनों एक ही ईश्वर हैं। वे अलग-अलग व्यक्ति हैं लेकिन एक ही सार (essences) या अस्तित्व (being) को साझा
करते हैं। यह एक जटिल अवधारणा है जिसे समझना मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह ईसाई धर्म की नींव है।

Tuesday, January 21, 2025

I Am the Bread of Life "जीवन की रोटी मैं"

"जीवन की रोटी मैं" [ I Am the Bread of Life"] 

बाइबल में "जीवन की रोटी" का उल्लेख विशेष रूप से यीशु मसीह के द्वारा कहा गया एक वचन है, जो संत योहन रचित सुसमाचार (Bible - Gospel of John) में मिलता है। यह वचन संत योहन:- 6:35 में लिखा है:

"जीवन की रोटी में हूं".["I Am the Bread of Life"] जो मेरे पास आता है , उसे कभी भूख नहीं लगेगी और जो मुझ में विश्वास करता है, उसे कभी प्यास नहीं लगेगी".

आईए इस लेख में देखें और जाने  की, प्रभु यीशु ने  जीवन की रोटी मैं हूं ऐसा क्यों कहा?

"जीवन की रोटी में हूं".["I Am the Bread of Life"] संत योहन:- 6:34.58

लोगों ने ईसा से कहा, " प्रभु! आप हमें सदा वही रोटी दिया करें". उन्होंने उत्तर दिया , जीवन की रोटी में हूं, जो मेरा पास आता है, उसे कभी भूख नहीं लगेगी और जो मुझ में विश्वास करता है, उसे कभी प्यास नहीं लगेगी. फिर भी, जैसा कि मैं तुम लोगों से कहा, तुम मुझे देखकर भी विश्वास नहीं करते.  पिता  जिन्हें मुझ को सौंप देता है.वह सब मेरे पास आएंगे और जो मेरे पास आता है, मैं उसे भी नहीं ठुकराऊंगा; क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, बल्कि जिसने मुझे भेजा , उसकी इच्छा पूरी करने के लिए स्वर्ग से उतरा हूं. जिसने मुझे भेजा , उसकी इच्छा यह है कि जिन्हें उसने मुझे सोंपा है, मैं उन में से एक कभी सर्वनाश न होने दूं, बल्कि उन सबों को अंतिम दिन पुनर्जीवित कर दूं. 

मेरे पिता की इच्छा यह है कि जो पुत्र को पहचान कर उसमें विश्वास करता है, उसे अनंत जीवन प्राप्त हो.मैं उसे अंतिम दिन पुनर्जीवित कर दूंगा. इसने कहा था," स्वर्ग से उतरी हुई रोटी में हूं". इस पर यह होती यह कहते हुए भुंभुनाते थे, क्या यह यूसुफ का बेटा ऐसा नहीं है? हम इसके मां-बाप को जानते हैं. तो यह कैसे कर सकता है मैं स्वर्ग से उतरा हूं"?  

 प्रभु यीशु  


ने उन्हें उत्तर दिया, आपस में मत भूनभुनाओ . कोई मेरे पास तब तक नहीं आ सकता , जब तक की पिता, जिसने मुझे भेजा उसे आकर्षित नहीं करता. मैं उसे अंतिम दिन पुनर्जीवित कर दूंगा. नबियों ने लिखा है, वह सब के सब ईश्वर से शिक्षा पाएंगे. जो ईश्वर की शिक्षा सुनता और ग्रहण करता है, वह मेरे पास आता है.

यह न समझो कि किसी ने पिता को देखा है; जो ईश्वर की ओर से आया है, उसी ने पिता को देखा है. मैं तुम लोगों से यह कहता हूं- जो विश्वास करता है, उसे अनंत जीवन प्राप्त है. जीवन की रोटी मैं हूं. तुम्हारे पूर्वजों ने मा भूमि में मन्ना  खाया , फिर भी वह मर गए. मैं जीस रोटी के विषय में कहता हूं, वह स्वर्ग से उतरती है और जो उसे खाता है, वह नहीं मारता. स्वर्ग से उतरी हुई वह जीवंत रोटी में हूं. यदि कोई वह रोटी खाएगा, तो वह सदा जीवित रहेगा. जो रोटी में दूंगा, वह संसार के जीवन के लिए अर्पित मेरा मांस है.

यहूदी आपस में यह कहते हुए वाद - विवाद कर रहे थे, यह हमें खाने के लिए अपना मांस कैसे दे सकता है? इसलिए ईसा ने उनसे कहा, मैं तुम लोगों से यह कहता हूं, यदि तुम मानव पुत्र का मांस नहीं खाओगे और उसका रक्त नहीं पियोगे, तो तुम्हें जीवन प्राप्त नहीं होगा. जो मेरा मांस खाता और मेरा रक्त पीता है, उसे अनंत जीवन प्राप्त है और मैं उसे अंतिम दिन पुनर्जीवित कर दूंगा; क्योंकि मेरा मन सच्चा भोजन है और मेरा रक्त सच्चा पेय . 

जो मेरा मांस खाता और मेरा रक्त पीता है, वह मुझ में निवास करता है और मैं उस में. जिस तरह जीवंत पिता ने मुझे भेजा है और मुझे पिता से जीवन मिलता है, इस तरह जो मुझे खाता है, उसको मुझे जीवन मिलेगा. यही वह रोटी है, जो स्वर्ग से उतरी है, जो स्वर्ग से उतरी है. यह उसे रोटी के  सदृश नहीं है, जिससे तुम्हारे पूर्वजों ने खायी थी. वह तो मर गए, किंतु जो या रोटी खाएगा, वह अनंत काल तक जीवित रहेगा.

निष्कर्ष:
प्रभु यीशु ने
"जीवन की रोटी" कहकर यह दिखाया कि वह आत्मा की भूख को मिटाने वाले और अनन्त जीवन देने वाले हैं। यह वचन हमें केवल सांसारिक चीज़ों पर निर्भर रहने के बजाय, आत्मिक तृप्ति और जीवन के लिए यीशु पर विश्वास करने का आह्वान करता है।



Tuesday, January 14, 2025

"यह मेरा शरीर और रक्त है" इसका अर्थ !


"यह मेरा शरीर और रक्त है" इसका अर्थ !


"यह मेरा शरीर और रक्त है" इसका अर्थ यह वाक्य बाइबल के नए नियम में स्थित है, विशेष रूप से लूका 22:19-20 और मत्ती 26:26-28 में, जहाँ यीशु ने अपने अनुयायियों के साथ अंतिम भोज के दौरान यह शब्द कहे थे। इस वाक्य का अर्थ है कि यीशु अपना शरीर और रक्त अपने अनुयायियों को प्रतीक रूप में दे रहे थे, जो उनकी बलि और उनका बलिदान होने का प्रतीक है।


लूका 22:19-20:- उन्होंने रोटी ली और धन्यवाद की प्रार्थना पढ़ने के बाद उसे तोड़ा और यह कहते हुए शिष्य को दिया, यह मेरा शरीर है, जो तुम्हारे लिए दिया जा रहा है. यह मेरी स्मृति में किया करो. इसी तरह उन्होंने भोजन के बाद यह कहते हुए प्याला दिया, यह प्याला मेरा रक्त का नूतन विधान है. यह तुम्हारे लिए बहाया जा रहा है.

मत्ती 26:26-28 :-उनके भोजन करते समय ईसा ने रोटी ले ली और धन्यवाद की प्रार्थना पढ़ने के बाद उसे तोड़ा और यह कहते हुए शिष्यों को दिया,ले लो और खाओ यह मेरा शरीर है. तब उन्होंने प्याला लेकर धन्यवाद की प्रार्थना पड़ी और यह कहते हुए उसे शिष्यों को दिया, तुम सब इसमें से पियो; क्योंकि यह मेरा रक्त है, विधान का रक्त , जो बहुतों  की पाप क्षमा के लिए बहाया जा रहा है. मैं तुम लोगों से कहता हूं,  जब तक मैं अपने पिता के राज्य में तुम्हारे साथ नवीन रस न पी लूं,  तब तक में दाख का यह रस फिर नहीं पियूंगा.


वचन का अर्थ

[1] रोटी और शरीर का प्रतीक:- रोटी यीशु के शरीर का प्रतीक है, जो क्रूस पर बलिदान के रूप में टूटेगा। यह उनके बलिदान के महत्व को दिखाता है।


[2] दाखमधु और रक्त का प्रतीक:- दाखमधु उनके रक्त का प्रतीक है, जो उनके अनुयायियों के पापों की क्षमा के लिए बहाया जाएगा। यह परमेश्वर और मानवता के बीच एक नई वाचा (New Covenant) की स्थापना को दर्शाता है।


[3] स्मरण और सहभागिता:- इस वचन का उद्देश्य विश्वासियों को यीशु के बलिदान को याद करना और उनके उद्धार के कार्य में सहभागिता करना है। यह क्रिश्चियन परंपरा में प्रभु भोज (Holy Communion) का आधार है।


[4] आध्यात्मिक अर्थ:- यह वचन मसीह के प्रेम, बलिदान और उद्धार के प्रति समर्पण का आह्वान करता है। यह विश्वासियों को आत्मिक रूप से यीशु के साथ जुड़ने और उनके संदेश के अनुसार जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है।

संक्षेप में :-

कुल मिलाकर, यह वाक्य एक आंतरिक और आध्यात्मिक अर्थ को व्यक्त करता है"यह मेरा शरीर और रक्त है" वचन यीशु मसीह के आत्मत्याग, प्रेम, और उद्धार के संदेश का प्रतीक है। यह विश्वासियों को उनके बलिदान को याद रखने और जीवन में आत्मिक शुद्धता और सेवा के लिए प्रेरित करता है।


Monday, January 6, 2025

मांगो और तुम्हें दिया जाएगा, ढूंढो और तुम्हें मिल जाएगा, खटखटाओ और तुम्हारे लिए खोला जाएगा.[मत्ती 7:7-8]

मांगो और तुम्हें दिया जाएगा, ढूंढो और तुम्हें मिल जाएगा, खटखटाओ और तुम्हारे लिए खोला जाएगा.[मत्ती 7:7-8] 

मांगो और तुम्हें दिया जाएगा, ढूंढो और तुम्हें मिल जाएगा, खटखटाओ और तुम्हारे लिए खोला जाएगा.[मत्ती 7:7-8] क्योंकि जो मांगता है, उस दिया जाता है, जो ढूंढता है, उसे मिल जाता है और जो खटखटाता है, उसके लिए खोला जाता है.

यदि तुम्हारा पुत्र तुमसे रोटी मांगे तो तुम में ऐसा कौन है जो उसे पत्थर देगा अर्थात मछली मांगे तो उसे सांप देगा? बुरे होने पर भी यदि तुम लोग अपने बच्चों को सहज ही अच्छी चीज देते हो, तो तुम्हारा स्वर के पिता मांगने वाले को अच्छी चीज क्यों नहीं देगा ?

मांगो और तुम्हें दिया जाएगा, ढूंढो और तुम्हें मिल जाएगा, खटखटाओ और तुम्हारे लिए खोला जाएगा.

इस वचन का अर्थ:-यह वचन बाइबल से लिया गया है और इसका अर्थ गहराई और प्रेरणा से भरा हुआ है। इसका सरल अर्थ यह है कि यदि आप किसी चीज़ की सच्चे मन से इच्छा करते हैं और प्रयास करते हैं, तो वह आपको अवश्य प्राप्त होगी।

* मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा:- यदि आप कुछ चाहते हैं और पिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं, तो वह आपको अवश्य मिलेगा। यह प्रार्थना और विश्वास की शक्ति को दर्शाता है।

* ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे:-यदि आप किसी चीज़ की खोज करेंगे, उसे पाने के लिए मेहनत करेंगे, तो उसे पा लेंगे। यह प्रयास और दृढ़ निश्चय का प्रतीक है।इसमें परमेश्वर जरूर आपकी सहायता करेंगे 

* खटखटाओ, तो तुम्हारे लिए खोला जाएगा:- यदि आप दरवाजा खटखटाएंगे (अर्थात अवसर की तलाश करेंगे), तो वह अवसर आपके लिए खुल जाएगा।पिता परमेश्वर, हर किसी को अवसर प्रदान करते हैं. कठिन समय पर भी उनके साथ रहते हैं.

निष्कर्ष:-

इसका मुख्य संदेश यह है कि सच्चे प्रयास, प्रार्थना, और विश्वास के साथ किए गए कामों का परिणाम मिलता है। यह मनुष्य को प्रेरित करता है कि वह परमेश्वर पर विश्वास रखे और अपने जीवन में सच्चाई, प्रयास, और धैर्य का पालन करे।


Tuesday, December 31, 2024

Prayer to God for the new year 2025! नए साल 2025 के लिए परमेश्वर से प्रार्थना !

नए साल 2025 के लिए परमेश्वर से प्रार्थना !

नए साल 2025 के लिए प्रभु यीशु से प्रार्थना करते समय आप अपने दिल की बात सादगी और विश्वास के साथ उनके सामने रख सकते हैं। यहाँ एक प्रार्थना का सुझाव दिया गया है जो नए साल की शुरुआत के लिए मार्गदर्शन कर सकती है:

नए साल  2025 के लिए की प्रार्थना! 

हे प्रिय परमेश्वर , मैं आपके चरणों में धन्यवाद और आभार  के साथ झुकता हूँ।

आपने मुझे अब तक अपनी असीम कृपा से संभाला है, इसके लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूँ।
इस नए साल में, मुझे आपकी उपस्थिति, मार्गदर्शन, और प्रेम की आवश्यकता है। मुझे शांति, धैर्य और साहस से भर दें ताकि मैं आपके उद्देश्यों को समझ सकूँ और उन पर चल सकूँ।मेरे परिवार, दोस्तों, और सभी प्रियजनों पर अपनी कृपा बनाए रखें।
हमें स्वास्थ्य, आनंद और आपसी प्रेम में बढ़ने का आशीर्वाद दें।

प्रभु, मुझे सिखाएँ कि मैं आपके वचन का पालन कर सकूँ।
मेरे हृदय को आपके प्रति विश्वास और निष्ठा से भर दें।
इस साल के हर दिन, मुझे आपकी रोशनी में चलने और आपके नाम को महिमा देने की प्रेरणा दें। मैं इस साल को आपके हाथों में सौंपता हूँ। आप जो भी करें, वही मेरे लिए सर्वोत्तम होगा।आपकी इच्छाओं के अनुसार मेरा जीवन चलाएँ। आमेन

बाइबल में दिए गए नए साल के लिए वचन:-

इसायाह का ग्रंथ:-43-18,19 :- पिछली बातें भुला दो, पुरानी बातें जाने दो. देखो, मैं एक नया कार्य करने जा रहा हूं.वह प्रारंभ हो चुका है. क्या तुम उसे नहीं देखते? मैं मर भूमि में मार्ग बनाऊंगा और उजाड़ प्रदेश में पथ तैयार करूंगा.

* संत पेत्रुस का पहला पत्र :-5-7 आप अपनी सारी चिंताएं उस पर छोड़ दे, क्योंकि वह आपकी सुधि लेता है. 

* कुरिथिंयों के नाम दूसरा पत्र :-5.17 :-  इसका अर्थ यह है कि यदि कोई मसीह के साथ एक हो गया है, तो वह  नए सृष्टि बन गया है. पुरानी बातें समाप्त हो गई है और सब कुछ नया हो गया है.

सूक्ति ग्रंथ 3-5.6 :- तुम सारे हृदय से प्रभु का भरोसा करो; अपने बुद्धि पर निर्भर मत रहो. अपने सब कार्यों में उसका ध्यान रखो. वह तुम्हारा मार्ग प्रशस्त कर देगा. 


नए साल 2025 की हार्दिक शुभकामनाएं! 

यह साल आपके जीवन में ढेर सारी खुशियां, सफलता और समृद्धि लेकर आए। आप अपने हर लक्ष्य को प्राप्त करें और आपके सभी सपने साकार हों। इस नए साल में स्वास्थ्य, शांति और प्रेम आपके जीवन के हर पहलू में झलकें। 

पिता परमेश्वर कि आशीष और कृपा  आपके परिवार  में बने रहे. Happy New Year


Sunday, December 29, 2024

Parable of the lost sheep ! भटकी हुई भेड़ का दृष्टांत !

भटकी हुई भेड़ का दृष्टांत !  parable of the lost sheep ! 

भटकी हुई भेड़ का दृष्टांत, बाइबिल में यीशु मसीह द्वारा दिया गया एक महत्वपूर्ण दृष्टांत है, जो पापी के पश्चाताप और ईश्वर के प्रेम को समझाने के लिए बताया गया है। यह दृष्टांत यीशु मसीह ने यह सिखाने के लिए दिया था कि  परमेश्वर पिता प्रत्येक व्यक्ति को कितना मूल्यवान और प्रिय मानते हैं, विशेष रूप से उन लोगों को जो खो गए हैं (पाप में पड़े हैं) और उन्हें वापस लाने के लिए कितना प्रयास करते हैं।इसका उल्लेख मुख्य रूप से लूका 15:3-7 और मत्ती 18:11-14 में किया गया है।

आइऐ हम इस आर्टिकल में जाने   की बाइबिल में भटकी हुई भेड़ का दृष्टांत,में क्या  लिखा गया है?  

 भटकी हुई भेड़ का दृष्टांत  ![लूका 15:3-7]

प्रभु यीशु का उपदेश सुनने के लिए नातेदार और पापी उनके पास आया करते थे! फरीसी और शास्त्रीय यह कहते हुए भुंभुनाते थे, यह मनुष्य पापियों का स्वागत करता है और उनके साथ खाता पीता है. इस पर यीशु मसीह  ने उनको यह दृष्टांत सुनाया, यदि तुम्हारे 100 भेड़े  हों और उन में एक भी भटक जाए, तो तुम लोगों में कौन ऐसा होगा जो 99 भेड़ों  को निर्जन प्रदेश में छोड़कर न जाए और उसे भटकी हुई को तब तक न खोजता रहे, जब तक वह उसे नहीं पाए? पाने पर वह आनंदित होकर उसे अपने कंधों पर रख लेता है और घर आकर अपने मित्रों और पड़ोसियों को बुलाता है और उनसे कहता है, मेरे साथ आनंद मनाओ, क्योंकि मैं अपनी भटकी हुई  भेड़ को पा लिया है. मैं तुमसे कहता हूं, इसी प्रकार 99 धर्मियों की अपेक्षा जीने पश्चाताप की आवश्यकता नहीं है, एक पश्चातापी पापी के लिए स्वर्ग में अधिक आनंद मनाया जाएगा.


भटकी हुई भेड़ का दृष्टांत  ! [मत्ती 18:11-14]

जो खो गया था उसी को बचाने के लिए मानव पुत्र आया है. तुम्हारा क्या विचार है- यदि किसी के 100 भेड़े हो और उन में एक भी भटक जाए, तो क्या वह 99 भेड़ों को पहाड़ी पर छोड़कर उस भटकी हुई भेड़ को खोजने  नहीं जाएगा ?  और यदि वह उसे पाए,  तो मैं विश्वास दिलाता हूं कि  उसे उन 99 की अपेक्षा, जो भटकी नहीं थी, उस भेड़ के कारण अधिक आनंद होगा. इसी तरह मेरा स्वर्ग पिता  नहीं चाहता कि उन  नन्हों  में से एक भी खो जाए.

इस दृष्टांत का अर्थ:-   हर व्यक्ति मूल्यवान है 

यह दृष्टांत सिखाता है कि प्रत्येक व्यक्ति  परमेश्वर पिता के लिए अनमोल है।
खोई हुई भेड़ उस व्यक्ति का प्रतीक है जो पाप या अज्ञान के कारण परमेश्वर पिता से दूर हो गया है।दृष्टांत बताता है कि  परमेश्वर पिता हर पापी को वापस बुलाने के लिए सक्रिय प्रयास करते हैं।


* परमेश्वर पिता की करुणा:-चरवाहा परमेश्वर पिता का प्रतीक है जो हर खोए हुए व्यक्ति को खोजते हैं।
परमेश्वर पिता अपने बच्चों को कभी नहीं छोड़ते और उन्हें वापस लाने के लिए पूरी मेहनत करते हैं।

* यह दृष्टांत प्रेम, करुणा, और क्षमा का संदेश देता है।
यह हमें सिखाता है कि हमें भटके हुए लोगों की मदद करनी चाहिए और उनकी वापसी का स्वागत करना चाहिए। साथ ही, यह  परमेश्वर पिता के असीम प्रेम और दया को उजागर करता है, जो हर पापी को अपना मानते हैं।जो जीवन में भटक गए हैं और उनके पुनरुत्थान के प्रयासों में खुशी मनानी चाहिए।

*  परमेश्वर पिता हमें कभी नहीं छोड़ते। चाहे हम कितने ही खोए हुए क्यों न हों, उनका प्रेम हमें हमेशा वापस लाने के लिए तैयार रहता है।


शैतान चाहता है कि आप इसे छोड़ दें, लेकिन परमेश्वर चाहता है कि आप इसे पढ़ें ।

शैतान चाहता है कि आप इसे छोड़ दें, लेकिन परमेश्वर चाहता है कि आप इसे पढ़ें । प्रिय परमेश्वर, आपने मुझे अनेक तरीकों से आशीषं दी हैं, और मैं त...