Sunday, August 17, 2025

प्रार्थना का मतलब है -

प्रार्थना का मतलब है -
जब जब हम हमारा मुंह
खोलते हैं -प्रार्थाना करनें के लिए 
तब हमें यह विश्वास करना है 
प्रभु हमारे बीच उपस्थित है।

(मति.18:18)

प्रभु का वचन कहता है -हर जरूरत मे करें।( फिलिपीन:4:6)
प्रार्थना कैसे करें - 
अपने रोगो को,,समस्याओं को ,बिमारी को समर्पित करना। विश्वास करना कि येशु तुम्हें चंगा किया है। प्रार्थना बाद भी विश्वास करना, चंगाई मिल गई है।
 प्रार्थना का असर - आपकी प्रार्थना का असर आप तभी देख पायेंगे,जब आप को विश्वास होगा कि आपकी प्रार्थना से परिस्थितियां बदल सकती है। लोग बदल सकते है और आप तथा दुसरो पर प्रभु की कृपा और दया की वर्षा होगी। 
जो इस तरह विश्वास करता है - वह पग -पग पर प्रार्थना का असर देख पायेगा। आमेन ।

यदि तुम्हारा विश्वास दृढ़ नही है,तो तुम निश्चिय ही विचलित हो जाओगे। (इसायह:7:9)

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